[Куплет 1]
आँखों में सपने, दिल में उम्मीद थी,
पहली बार सेट पे, धरती नसीब थी।
सोचा था चमकेगा, रंग मेरा नया,
लेकिन यहाँ हर पल, एक शोर मच गया।
परदा गिरे तो ख्वाब सब टूट जाएँ,
जीवन के रंग भी, फीके पड़ जाएँ।
कहते हैं यह बॉलीवुड, चमक दिलों की,
यहाँ तो बस देखता हूँ, बहार बहार ही।
[Пред-припев]
न कोई स्क्रिप्ट में बात है,
न खुश यहाँ कोई साथ है।
हर चेहरा है एक झोल है,
बस नाम का ये रोल है!
[Припев]
यह कैसा है सिनेमा! (हाँ!) यह कैसा है तराना!
मेहनत मेरी हवा में, ढूँढूँ कोई बहाना!
एक्टर हैं बड़े, पर एक्टिंग हैं बिल्कुल कमज़ोर,
और डायरेक्टर का गुस्सा, हर वक़्त करे शोर!
कहानी मेरी है, लेकिन भूले हुए सब मोड़,
यह कैसा है रंगमंच, यह कैसा है ज़ोर!
बॉलीवुड की दुनिया, दिखती है दूर से शानदार,
यहाँ तो बस होता है, रोज़ नया ही हार!
[Куплет 2]
ये पहला शॉट है, कह के बस चिल्लाए,
हर डायलॉग अलग है, कोई नहीं समझ पाए।
वो हीरोइन का चेहरा, भूल गई नाम अपना,
और वो अंकल का डायलॉग, लगे अधूरा सपना।
हर कोई अपनी धुन में, गाता है गाना,
न ताल है कोई, न कोई ठिकाना।
मैं एक तरफ खड़ा हूँ, सर मेरा झुकता है,
ये खेल ये सब देखूँ, तो जी घबराता है।
[Пред-припев]
न कोई सीन में जज़्बात है,
न खुश यहाँ कोई बात है।
हर कोई है बस ढोल है,
बस नाम का ये रोल है!
[Припев]
यह कैसा है सिनेमा! (हाँ!) यह कैसा है तराना!
मेहनत मेरी हवा में, ढूँढूँ कोई बहाना!
एक्टर हैं बड़े, पर एक्टिंग हैं बिल्कुल कमज़ोर,
और डायरेक्टर का गुस्सा, हर वक़्त करे शोर!
कहानी मेरी है, लेकिन भूले हुए सब मोड़,
यह कैसा है रंगमंच, यह कैसा है ज़ोर!
बॉलीवुड की दुनिया, दिखती है दूर से शानदार,
यहाँ तो बस होता है, रोज़ नया ही हार!
[Куплет 3]
वो डायरेक्टर का चेहरा, लाल जाता है जब,
लगता है यह सेट है, नहीं कोई अपना घर।
हर छोटी बात पे वो, गुस्से से जलता है,
हम आर्टिस्ट्स के दिल को, ऐसे ही कुचलता है।
एक फिल्म बनानी थी, कहानी बेमिसाल,
यहाँ तो हर मोमेंट, लगता है एक झोल, बवाल!
जान लगा दी थी मैंने, हर ख्वाब अपना देकर,
मगर यहाँ तो मिलता है, बस एक दर्द का ज़हर।
[Пред-припев]
न कोई पैशन की बात है,
न कोई सच्ची सौगात है।
हर सेट पे है बस फ्रॉड है,
बस नाम का ये लॉर्ड है!
[Припев]
यह कैसा है सिनेमा! (हाँ!) यह कैसा है तराना!
मेहनत मेरी हवा में, ढूँढूँ कोई बहाना!
एक्टर हैं बड़े, पर एक्टिंग हैं बिल्कुल कमज़ोर,
और डायरेक्टर का गुस्सा, हर वक़्त करे शोर!
कहानी मेरी है, लेकिन भूले हुए सब मोड़,
यह कैसा है रंगमंच, यह कैसा है ज़ोर!
बॉलीवुड की दुनिया, दिखती है दूर से शानदार,
यहाँ तो बस होता है, रोज़ नया ही हार!
[Переход]
सोचा था चमकेंगे तारे बन के हम यहाँ,
अंदर की दुनिया, कैसी अजीब सी है अब!
पैसों की दौड़ में, खो गया हर हुनर,
चाँदी की चमक में, छुप गया असली जिगर!
पर मैं नहीं हारूँगा, अब यह मेरा वादा है,
निकल के इस सब से, बनाऊँगा मैं नया इरादा है!
अगर ऐसे ही बनता है सिनेमा हर दिन,
तो आने वाले कल में, बदलूँगा मैं ये दिन!
अपनी पहचान बनाऊँगा, नाम अपना दिखाऊँगा,
इस भीड़ में, खुद का रास्ता मैं बनाऊँगा!
[Заключительный припев]
ये कैसा सिनेमा है! (नहीं!) ये ऐसा नहीं रहेगा!
मेरी मेहनत दिखेगी, अब ज़माना ये देखेगा!
एक्टर की ताक़त को, कोई न समझे कमज़ोर,
डायरेक्टर के ग़ुस्से का, होगा अब तूफ़ान ज़ोर!
मेरी कहानी है ये, बदल दूँगा मैं हर मोड़,
नया है ये रंगमंच, नया है मेरा शोर!
बॉलीवुड की दुनिया, दिखेगी मुझसे शानदार,
क्योंकि अब यहाँ नहीं, होगी कोई और हार!
ये कैसा सिनेमा है! ये अब वैसा नहीं होगा!
हाँ! यही सच होगा! मेरी जीत का तराना होगा!