[Вступление]
देखते हो जब तुम मुझे यूँ खोए-खोए,
क्या समझते हो, दिल मेरा कैसे रोए?
ये मुस्कान है मेरी, ज़रा सी धोखेबाज़,
अंदर छुपा है एक शैतान आज!
[Куплет 1]
है दिल ये मेरा, ज़रा हटके चलता है,
लोग जो समझे, उससे बिल्कुल नहीं डरता है।
शोखी है आँखों में, रंग आँखों में नए,
पर दिल के राज़ हैं जो किसी को ना बताए!
[Пред-припев]
साजिशों का जाल है, मैं एक खेल खिलाड़ी,
झूठ भी लगता सच, मेरी हर एक वादा!
ये दुनिया देखती है चेहरा बस यही,
पर मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ कभी!
[Припев]
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, सुन ले दिलबर,
हर एक छल का है ये, अंदाज़ ही असर।
जो खेल ये दुनिया खेला है, मैंने देखा है वो सब,
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, हरगिज़ ना बन!
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, सुन ले दिलबर,
हर एक छल का है ये, अंदाज़ ही असर।
जो खेल ये दुनिया खेला है, मैंने देखा है वो सब,
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, हरगिज़ ना बन!
[Куплет 2]
चाहे मुझको कहते सब शरीफ़ और मासूम,
दिल में मेरे छुपा है एक जुनून, जुनून!
जल्वे हैं मेरे, अदाएँ भी हसीन,
लेकिन मेरा इरादा, कोई जाने ना कभी!
[Пред-припев]
नादान ना समझना मुझे, ऐ हसीना मेरी,
फ़ँस जाओगी तुम भी, जाल में मेरी!
ये दुनिया देखती है चेहरा बस यही,
पर मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ कभी!
[Припев]
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, सुन ले दिलबर,
हर एक छल का है ये, अंदाज़ ही असर।
जो खेल ये दुनिया खेला है, मैंने देखा है वो सब,
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, हरगिज़ ना बन!
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, सुन ले दिलबर,
हर एक छल का है ये, अंदाज़ ही असर।
जो खेल ये दुनिया खेला है, मैंने देखा है वो सब,
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, हरगिज़ ना बन!
[Переход]
कभी राह चलता, कभी छुपता चोरी-चोरी,
हर अदा में छुपी है, कोई नई कहानी!
मुसाफ़िर बन के आया, पर घर मेरा कहाँ?
बातें तो बहुत हैं, पर सच तो है निशान!
[Заключительный припев]
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, सुन ले दिलबर (हे!)
हर एक छल का है ये, अंदाज़ ही असर (ओये!)
जो खेल ये दुनिया खेला है, मैंने देखा है वो सब (सब!)
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, हरगिज़ ना बन! (नहीं!)
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, सुन ले दिलबर (हे!)
हर एक छल का है ये, अंदाज़ ही असर (ओये!)
जो खेल ये दुनिया खेला है, मैंने देखा है वो सब (सब!)
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, हरगिज़ ना बन! (नहीं!)
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, सुन ले दिलबर (हे!)
हर एक छल का है ये, अंदाज़ ही असर (ओये!)
जो खेल ये दुनिया खेला है, मैंने देखा है वो सब (सब!)
मैं वो नहीं हूँ, जैसा दिखता हूँ, हरगिज़ ना बन! (नहीं!)
[Завершение]
मैं वो नहीं... हम्म... जैसा दिखता हूँ...
समझे?